रांची : झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की सामान्य स्नातक योग्यताधारी संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (CGL-2023) के पेपर लीक प्रकरण में जांच को बड़ी सफलता मिली है। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने इस मामले के मुख्य आरोपी अनीश कुमार को बिहार के पटना से गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरा मामला
यह पेपर लीक मामला JSSC-CGL-2023 परीक्षा से जुड़ा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने प्रश्न पत्र को परीक्षा से पहले लीक किया और उसे अभ्यर्थियों तक पहुंचाया। इसके चलते राज्य में कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद मामले की जांच JSSC की ओर से CID को सौंप दी गई थी।
मुख्य आरोपी अनीश कुमार कौन है
अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी अनीश कुमार को CID पेपर लीक गिरोह का “मास्टरमाइंड” मान रही है। वह लंबे समय से फरार चल रहा था और उसकी तलाश तेज थी। पुलिस को शक है कि अनीश ने अभ्यर्थियों को पेपर लीक कराने और उसकी नकल पर्चियों को वितरित करने में अहम भूमिका निभाई।
पकड़े जाने का स्थल और प्रक्रिया
CID की टीम ने छापेमारी के दौरान अनीश को बिहार के पटना से दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अब उसे रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ की जाएगी, ताकि पेपर लीक नेटवर्क, इसके आर्थिक लेन-देन और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सके।
अभियोग और ठगी के आरोप
जांच में सामने आया है कि अनीश पर 28 से अधिक अभ्यर्थियों से ₹50 लाख से अधिक की ठगी करने का आरोप है। आरोप है कि उसने पेपर लीक के नाम पर पैसे लेकर सच्चे पेपर नहीं दिए और अभ्यर्थियों को धोखा दिया।
अब आगे क्या
CID का कहना है कि वह मामले को गहराई से जांचेगी और पूछताछ की मदद से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि पेपर लीक गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे। अब तक एक दर्जन से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और मामले की अगली सुनवाई तथा पूछताछ जारी है।


