पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच LPG Tanker Shivalik सुरक्षित रूप से भारत पहुँच गया है। यह टैंकर लगभग 46,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुँचा है।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार इस समय LPG Tanker Shivalik का भारत पहुँचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण तेल और गैस की सप्लाई पर खतरा बना हुआ है।
कतर से भारत तक आया LPG Tanker Shivalik
LPG Tanker Shivalik कतर के Ras Laffan पोर्ट से भारत के लिए रवाना हुआ था। जहाज ने लगभग 9 दिन की समुद्री यात्रा पूरी करने के बाद मुंद्रा पोर्ट पर पहुंचकर गैस की डिलीवरी शुरू की।
इस दौरान जहाज को Strait of Hormuz (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) से गुजरना पड़ा, जो दुनिया के सबसे संवेदनशील समुद्री रास्तों में से एक है।
दुनिया के तेल और गैस का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।
भारत के लिए क्यों जरूरी है LPG Tanker Shivalik
भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG आयात करने वाले देशों में शामिल है। देश में करोड़ों परिवार खाना बनाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं।
लगभग 46,000 टन LPG लाखों घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर होती है। ऐसे में LPG Tanker Shivalik की यह खेप भारत की गैस सप्लाई को स्थिर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगी।
इंडियन ऑयल के लिए आई गैस सप्लाई
बताया जा रहा है कि LPG Tanker Shivalik से लाई गई गैस मुख्य रूप से Indian Oil Corporation (IOC) के लिए है।
मुंद्रा पोर्ट पर गैस उतारने के बाद इसे देश के अलग-अलग गैस टर्मिनलों और राज्यों में भेजा जाएगा, ताकि घरेलू और व्यावसायिक जरूरतों को पूरा किया जा सके।
दूसरा LPG टैंकर भी पहुँचा भारत
रिपोर्ट्स के अनुसार LPG Tanker Shivalik के अलावा एक और टैंकर ‘नंदा देवी’ भी भारत पहुँचा है, जो करीब 46,500 टन LPG लेकर आया है।
दोनों जहाजों के जरिए भारत को लगभग 92,000 टन LPG की सप्लाई मिली है, जिससे आने वाले समय में गैस की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है।
ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच LPG Tanker Shivalik का सुरक्षित भारत पहुँचना देश की ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन की मजबूती को दिखाता है।


